नीमच।प्रदेश की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी नीमच में आगामी कार्यकाल के लिए व्यापारी संघ के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव 4 जनवरी 2026, रविवार को संपन्न होंगे। चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और विवाद रहित बनाने के उद्देश्य से व्यापारी संघ की कार्यकारिणी बैठक में चुनाव संबंधी नियम, प्रक्रियाएँ एवं दिशा-निर्देश निर्धारित कर दिए गए हैं। व्यापारी संघ ने सभी सदस्यों से समयसीमा और पात्रता संबंधी प्रावधानों का पालन करने की अपील की है।चुनावी कार्यक्रम के अनुसार संघ में एक अध्यक्ष एवं दस कार्यकारिणी सदस्य चुने जाएंगे। चुनाव संचालन के लिए प्रवीन मित्तल को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की देखरेख करेंगे। मतदाता सूची का प्रकाशन 14 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक व्यापारी सदस्य को अपनी फर्म एवं प्रतिनिधि के नाम का सत्यापन 12 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से करना होगा। इस तिथि के बाद किसी भी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।चुनाव में मतदान के अधिकार को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। किसी भी फर्म में केवल प्रोप्रायटर या एक भागीदार को ही मतदान का अधिकार होगा।कंपनी के मामले में कंपनी द्वारा अपने लेटर पैड पर नामित प्रतिनिधि ही मतदान कर सकेगा। यदि कोई सदस्य संघ में एक से अधिक फर्मों से जुड़ा है तो भी उसे केवल एक बार ही मतदान करने की अनुमति होगी। भागीदारी फर्मों को 12 दिसंबर तक अपने प्रतिनिधि का नाम व्यापारी संघ को देना आवश्यक होगा,अन्यथा किसी एक भागीदार का नाम स्वतः सूची में दर्ज कर दिया जाएगा और बाद में संशोधन संभव नहीं होगा।मतदान के लिए वही सदस्य पात्र होंगे, जो 1 दिसंबर 2025 तक व्यापारी संघ के नियमित सदस्य हों तथा मंडी समिति नीमच के नियमित लाइसेंसी के रूप में सूचीबद्ध हों। जिन सदस्यों का वर्ष 2025-26 का सदस्यता शुल्क बकाया है, उन्हें 8 दिसंबर 2025 तक शुल्क जमा करना अनिवार्य किया गया है। राशि जमा न होने पर सदस्य का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव सीधे मतदान द्वारा होगा। अध्यक्ष पद के लिए एक नाम का चुनाव अनिवार्य होगा,जबकि कार्यकारिणी के लिए नामांकित उम्मीदवारों में से दस सदस्यों का चयन किया जाएगा। कम या अधिक चयन किए जाने पर वोट निरस्त माना जाएगा। यदि अध्यक्ष पद या दस कार्यकारिणी सदस्यों के लिए नामांकन कम आते हैं, तो संबंधित पद निर्विरोध घोषित कर दिए जाएंगे। दस से कम कार्यकारिणी सदस्य निर्वाचित होने पर शेष पदों के लिए एक माह के भीतर पुनः चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अध्यक्ष पद पर निर्वाचित उम्मीदवार ही उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव एवं कोषाध्यक्ष की नियुक्ति करेगा। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी विवादों का अंतिम निराकरण चुनाव अधिकारी द्वारा ही किया जाएगा।