नीमच। कनावटी पुलिस लाइन में पदस्थ हेड कांस्टेबल होशियार सिंह का शव जब पोस्टमार्टम के बाद उनके आवास पर पहुंचा, तो पूरे पुलिस लाइन परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी,अधिकारी और पुलिस लाइन के रहवासी मौके पर एकत्र हुए तथा पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल अत्यंत भावुक और गमगीन बना रहा।जानकारी के अनुसार, शव के पुलिस लाइन पहुंचने से पहले ही मृतक के परिजन नीमच से हरियाणा के लिए रवाना हो चुके थे।बाद में उन्हें होशियार सिंह के निधन की सूचना मिली, जिसके बाद परिजनों को वापस बुलाया गया।इसी बीच पुलिस लाइन के रहवासियों ने मांग की है कि परिजनों के आने तक शव को यहीं रखा जाए, ताकि वे अपने प्रियजन का अंतिम दर्शन कर सकें। हालांकि, पुलिस प्रशासन द्वारा शव को आगे रवाना करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि परिजनों के मौके पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने शव को एंबुलेंस के माध्यम से रवाना कर दिया। इस पर वहां मौजूद लोगों ने नाराजगी जताई और प्रशासन के निर्णय पर सवाल उठाए। स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।इस दौरान मृतक की बेटी अर्पिता यादव भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पिता का अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिया गया, जो बेहद पीड़ादायक है। अर्पिता ने आरोप लगाया कि उनके पिता लंबे समय से विभागीय प्रताड़ना का सामना कर रहे थे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के रवैये को अमानवीय और असंवेदनशील बताया। गौरतलब है कि हेड कांस्टेबल होशियार सिंह ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, जिसके बाद उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मामले में तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिलने और विभागीय प्रताड़ना के आरोप सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू करने की बात कही है।फिलहाल, इस घटना ने पुलिस विभाग और आमजन के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के निष्कर्ष क्या सामने आते हैं, इस पर न केवल परिजनों बल्कि पूरे जिले की नजर टिकी हुई है।