नीमच। जिले की रामपुरा तहसील के ग्राम भदाना की एक बुजुर्ग महिला ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर फर्जी तरीके से कब्जा करने, धमकाने और अधिकारियों की मिलीभगत से दस्तावेज तैयार करने के गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता सलीम बेगम पति स्व. अब्दुल गफुर निवासी भदाना ने बताया कि उनकी पीढ़ियों से चली आ रही कृषि भूमि सर्वे नंबर 613, 614, 717, 615, 7/8 और 6/6 संयुक्त नाम से दर्ज है, जिसका आज तक कोई वैध बंटवारा नहीं हुआ। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोगों ने पटवारी और तहसीलदार की मिलीभगत से फर्जी बंटवारा दर्शाकर भूमि को दूसरों को बेच दिया।सलीम बेगम, जो कि कैंसर पीड़िता हैं, ने बताया कि जब वह कुछ समय बाद अपने खेत पर पहुंचीं तो वहां राजा बंजारा नामक व्यक्ति ने कब्जा कर रखा था। पूछने पर उसने धमकाते हुए कहा कि उसने जमीन खरीद ली है और यदि वे या उनकी बेटियां खेत पर आईं तो उनके हाथ-पैर तोड़ देंगे। पीड़िता के अनुसार,आरोपी राजा बंजारा पिता गोरा बंजारा, अजीज अहमद और जमील अहमद पिता अब्दुल गफुर मिलकर जमीन हड़पने की साजिश में शामिल हैं और पहले भी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे इनके हौसले और बुलंद हो गए हैं।महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके दोनों भाई अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ चुके हैं। उन्होंने घर और बाड़े अन्य लोगों — नागेश्वर नाई, केशरीमल मीणा, रमेश किर, मोहन भील और राजू बंजारा — को बेच दिए हैं और अब शेष बची जमीन भी बेचने की फिराक में हैं। वहीं, बीमार मां को उन्होंने बेसहारा छोड़ दिया है, जो इस समय मल्हारगढ़ में बेटी के यहां रह रही हैं। सलीम बेगम का कहना है कि वह ही अपनी मां का इलाज और देखभाल कर रही हैं, लेकिन भाई न तो हालचाल पूछते हैं और न कोई जिम्मेदारी निभा रहे हैं।जनसुनवाई में सलीम बेगम ने भावुक अपील करते हुए कहा कि अधिकारी व कर्मचारी रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि दोषी पटवारी, तहसीलदार और अन्य संबंधित कर्मचारियों की जांच कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा उनकी भूमि का विधिवत बंटवारा कर उन्हें उनका हिस्सा दिलाया जाए।पीड़िता ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आरोपी उन्हें जान से मारने तक की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उन्हें और उनकी मां को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा उनकी पुश्तैनी जमीन पर न्यायपूर्वक अधिकार वापस दिलाया जाए।