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ग्राम नवलपुर में शामिलात कुवे के पानी को लेकर दो पक्षों में संघर्ष, चार घायल — राजस्व अमले पर एकतरफा कार्रवाई के आरोप

नीमच। नीमच सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर में बुधवार सुबह शामिलात कुवों से पानी लेने के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस घटना में चार लोग घायल हो गए, जिनमें से दो को गंभीर चोटे आई है। सभी घायलों का उपचार नीमच जिला चिकित्सालय में जारी है।जानकारी के अनुसार, ग्राम नवलपुर में सर्वे नंबर 214 और 42 पर स्थित दो शामिलात कुवे वर्षों से दोनों पक्षों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन कुवों से दोनों परिवार खेती की सिंचाई करते हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों से पानी लेने को लेकर विवाद बना हुआ है। इस मामले में पूर्व में भी शिकायतें थाने और सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।घायल पक्ष के बालमुकुंद नागदा और राधेश्याम नागदा ने अस्पताल में बताया कि बुधवार सुबह उनका परिवार अपने खेतों में सिंचाई के लिए पानी लेने गया था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कमलेश, बंसीलाल, लक्ष्मीनारायण, दिनेश, घनश्याम और कैलाश वहां पहुंचे और विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात बढ़ गई और उन्होंने लाठी-डंडों तथा धारदार हथियारों से हमला कर दिया।हमले में कन्हैयालाल (55) को सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि राधेश्याम (32) के हाथ पर धारदार हथियार से गहरी चोट लगी है। बालमुकुंद (39) और प्रेमसुख (48) को भी चोटें आई हैं। चारों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।घायल पक्ष का आरोप है कि इस विवाद को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल और पटवारी महेंद्र सिंह सिसोदिया ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की। पीड़ितों ने कहा कि राजस्व अधिकारियों ने बिना दोनों पक्षों को सुने ही कागज अधूरे बताते हुए मामला निराकृत कर दिया, जिससे विरोधी पक्ष को बढ़ावा मिला। उनका कहना है कि इस लापरवाही के चलते आज यह हिंसक घटना घटित हुई। वहीं, जब इस संबंध में पटवारी महेंद्र सिसोदिया से संपर्क किया गया, तो उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज किया। सिसोदिया ने बताया कि यह कुओं का विवाद तहसील न्यायालय में प्रचलित था और न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद ही मौका पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। उन्होंने कहा कि “हमारे द्वारा किसी भी प्रकार की साठगांठ नहीं की गई है, सभी कार्य न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही किए गए हैं। पीड़ित पक्ष के आरोप निराधार हैं।”

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